मानक अनुरूप धान (कदम 3)

मुख्य खेत की तैयारी

मुख्य खेत की तैयारी

  • • गेहूँ की कटाई के बाद 30–35 सेमी गहरी जुताई डिस्क हैरो या मोल्ड बोर्ड प्लाउ से करें।
    • रोपाई/बुवाई से लगभग 15 दिन पूर्व 2–3 बार जुताई कर क्रॉस हैरोइंग करें तथा मेड़ (बंड) तैयार करें।
    • एक हल्की सिंचाई करें ताकि खरपतवार अंकुरित हों; इसके बाद खेत में पानी भरकर 2 बार पडलिंग करें।
    • यदि हरी खाद (जैसे ढैंचा/मूंग) उगाई हो, तो उसे पडलिंग के समय मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें।
    • सभी विधियों के लिए लेज़र लेवलिंग आवश्यक है, जिससे खेत समतल रहे और पानी का समान वितरण सुनिश्चित हो सके।

रोपण/बुवाई विधियाँ (Sowing & Transplanting Methods)

पारंपरिक रोपाई (TRP – Traditional Transplanting)

मानदंड

विवरण

पौध की आयु

20–25 दिन (रोपाई के समय)

पंक्ति × पौध अंतराल

20 × 10 सेमी

पौध/हिल

प्रत्येक हिल में 2-3 पौध लगाएँ; देर से रोपाई की स्थिति में 4–5 पौध लगाएँ; और यदि कोई पौध मर जाए तो तुरंत पुनः रोपाई करें।

बीज दर

4-5 किग्रा/एकड़

विशेष

पडलिंग की कीचड़ अवस्था में रोपाई करें तथा पोषक तत्वों का बेसल आवेदन पहले ही सुनिश्चित करें ।

 

सीधी बुवाई (DSR – Direct Seeded Rice)
DSR में नर्सरी की आवश्यकता नहीं होती है; बीज सीधे मुख्य खेत में बोया जाता है।

मानदंड

विवरण

मृदा प्रकार

मध्यम से भारी मिट्टी इस विधि के लिए उपयुक्त है; हल्की या बलुई मिट्टी में इसे अपनाना उचित नहीं है।

DryDSR

ड्राई DSR में 20 सेमी पंक्ति दूरी रखते हुए 2–4 सेमी गहराई पर बुवाई करें तथा लकी सीडर या ज़ीरो टिल ड्रिल का उपयोग करें।

 

WetDSR

वेट DSR में पडलिंग के बाद प्री-जर्मिनेटेड बीजों को छिटकवाँ या ड्रम सीडर से बुवाई करें।

 

बीज दर

बासमती धान के लिए बीज दर: ड्राई DSR में 8–9 किग्रा/एकड़ तथा वेट DSR में 15-20 किग्रा/एकड़ रखें

TAR-WATTAR अवस्था

तर-वत्तर अवस्था प्राप्त करने के लिए एक सिंचाई देकर मिट्टी को संतृप्त करें, फिर डिस्क हैरो चलाएं और तुरंत प्लैंकिंग करें ताकि समान अंकुरण सुनिश्चित हो।

गैप फिलिंग

गैप फिलिंग के लिए बुवाई के लगभग 20–25 दिन बाद पहली सिंचाई या वर्षा के समय, खाली स्थानों को घनी पौध से भरें ।

 

धान की सघनता प्रणाली (System of Rice Intensification)

मानदंड

विवरण

पौध की आयु

8–12 दिन की कोमल पौध की रोपाई करें।

पंक्ति × पौध अंतराल

25 × 25 सेमी (वर्गाकार रोपाई)

पौध/हिल

प्रति हिल केवल 1 पौध लगाएं।

रोपण गहराई

1–2 सेमी उथली रोपाई करें, जड़ों को क्षति न पहुँचाएं।

खरपतवार नियंत्रण

10–12 दिन बाद से 2–3 बार निराई करें; कोनो‑वीडर, रोटरी वीडर या हाथ से निराई का उपयोग करें।

लाभ

अधिक कल्ले, उच्च उपज, कम बीज दर और कम पानी की खपत।