
टमाटर (कदम 5)
जल प्रबंधन
सिंचाई
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सिंचाई के लिए फूल और फल विकास महत्वपूर्ण चरण हैं।
अवस्था | रोपाई के बाद/ समय | सिंचाई का विवरण |
रोपाई / स्थापना | रोपाई के 0–7 दिन बाद | रोपाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें। मिट्टी में पानी जमा न होने दें और नमी बनाए रखें। |
प्रारंभिक वानस्पतिक वृद्धि | रोपाई के 7–25 दिन बाद | हर 7-10 दिन में सिंचाई करें। पानी की अधिकता से बचें – इससे पौधे मुरझा जाते हैं और पत्ती मुड़ने का रोग लग जाता है। |
सक्रिय वानस्पतिक अवस्था | रोपाई के 25–45 दिन बाद | सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण समय- हर 5-7 दिन में सिंचाई करें। पानी की कमी से पौधे की वृद्धि और फूल आने में रुकावट आती है। |
पुष्पन अवस्था | रोपाई के 45–60 दिन बाद | सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण अवस्था – किसी भी प्रकार की नमी की कमी से फूल झड़ जाते हैं। मिट्टी में नमी का स्तर स्थिर बनाए रखें। |
फल लगना एवं विकास अवस्था | रोपाई के 60–80 दिन बाद | एक समान नमी बनाए रखें। अनियमित सिंचाई से फल फट जाते हैं। हर 5-6 दिन में सिंचाई करें। |