
मानक अनुरूप धान (कदम 5)
जल प्रबंधन
TRP/SRI के लिए सिंचाई
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• खेत में पानी बनाए रखा जाना चाहिए।
• वानस्पतिक अवस्था के दौरान रोपाई के बाद नियमित 4-5 से.मी. जल स्तर बनाए रखना चाहिए।
- सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण चरण:
• कल्ले बनने की अवस्था (25–40 DAT) v • बूटिंग अवस्था (40–55 DAT)
• फूल बनने की अवस्था (55–70 DAT)
• दाना भरने की अवस्था (70–90 DAT)
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रोपाई के 2 सप्ताह बाद खेत में भराव सिंचाई (फ्लड इरिगेशन) करें। AWD पद्धति अपनाएँ – मिट्टी में बालों जैसी दरारें आने पर ही सिंचाई करें।
फूल आने (Flowering) तथा दाना भराव (Grain filling) अवस्था में पुनः भराव सिंचाई करें।
9.2 DSR के लिए सिंचाई
अवस्था | DAS/समय | सिंचाई विवरण |
बुवाई पूर्व | बुवाई से 2–3 दिन पूर्व | TAR‑WATTAR (नमी बनाए रखने) के लिए हल्की सिंचाई करें ताकि बुवाई के समय मिट्टी में पर्याप्त नमी उपलब्ध रहे। |
अंकुरण (0–21 DAS) | DAS 0–21 | खेत को नम रखें (जलभराव न होने दें); सूखी DSR में 21 DAS तक स्थायी पानी न दें। |
कल्ले अवस्था | DAS 21–45 | AWD पद्धति अपनाएँ – मिट्टी में बालों जैसी दरारें आने पर ही सिंचाई करें। |
PI से फूल तक | DAS 45–75 | 2–3 सेमी तक खड़ा पानी बनाए रखें; इस अवस्था में नमी की कमी न होने दें। |
कटाई-पूर्व | कटाई से 14 दिन पहले | धीरे-धीरे खेत से पानी निकाल दें। |
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• जब अच्छी तरह से संतृप्त मिट्टी की स्थिति में बुवाई की जाती है, तो बारिश शुरू होने से पहले 21 दिनों के दौरान सिंचाई की कोई आवश्यकता नहीं होती है।
• पहले 21 दिनों के दौरान पौधों की धीमी वृद्धि को सिंचाई देने के आधार के रूप में आकलन नहीं किया जाना चाहिए। दूसरी ओर, यह अच्छा है क्योंकि यह एक मजबूत जड़ प्रणाली और पोषक तत्वों के अधिक कुशल उपयोग को विकसित करने में मदद करता है। एक बार बारिश शुरू होने या सिंचाई के 21 दिनों के बाद पौधों में जोरदार वृद्धि दिखाई पड़ती है।
• मिट्टी को पर्याप्त रूप से गीला रखा जाना चाहिए और जैसे ही खेत की सतह पर छोटी / हेयर लाइन दरारें दिखाई दें तो सिंचाई कर देनी चाहिए।
• नोट: जिन खेतों में सीड ड्रिल/पारंपरिक लेवलिंग/कम मिट्टी की नमी की स्थिति का उपयोग करके बुवाई की गई है और फसल का अंकुरण असामान्य/अनियमित पाया जाता है तब उस स्थिति में समस्या का पता चलते ही बीजाई के 5-7 दिनों के भीतर पहली सिंचाई कर देनी चाहिए। हालांकि, इससे गंभीर खरपतवार प्रबंधन समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
• खाली जगह का भराव पहली सिंचाई के बाद या बारिश के 21 दिनों के बाद करना चाहिए, बड़े गैप को भरने के लिए आस पास के किसी गहरी बुवाई वाले क्षेत्र से निकाले गए पौधों की रोपाई करके भरना चाहिए।
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