
मानक अनुरूप धान (कदम 1)
परिचय
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धान भारत की सबसे महत्वपूर्ण फसल है और देश की अधिकांश जनसंख्या का मुख्य आहार है। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, पंजाब और तमिलनाडु प्रमुख उत्पादक राज्य हैं।
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“मानक अनुरूप धान" वह धान है जिसकी खेती निर्धारित मानकों के अनुसार की जाती है – जिसमें केवल अनुमोदित रसायनों का उपयोग, कटाई से पहले का अंतराल का पालन और फसल अभिलेखों का रखरखाव शामिल है।
जलवायु एवं मृदा आवश्यकताएँ
मानदंड | विवरण |
तापमान | 25–35°C इष्टतम; >35°C पर परागण प्रभावित |
वर्षा | 150–200 सेमी वार्षिक; 100 सेमी से अधिक वाले क्षेत्रों में भी उपयुक्त |
मृदा प्रकार | गहरी उपजाऊ दोमट या चिकनी मिट्टी; pH 5.5–7.5; उच्च जल-धारण क्षमता |
आर्द्रता | यह उच्च आर्द्रता एवं लंबे समय तक धूप के लिए अनुकूल है
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अनुमोदित किस्में / बीज दर (Approved Varieties / Seed Rate)
किस्म | राज्य | बीज दर/एकड़ | विशेषताएँ |
PB-1692 | UP | 8-9 किग्रा (DSR), 4-5 किग्रा (TRP) | मध्यम अवधि, रोग प्रतिरोधी |
PB-01 | MP | 8-9 किग्रा (DSR), 4-5 किग्रा (TRP) | MP के लिए अनुशंसित, उत्कृष्ट बासमती |
धान की सीधी बुआई हेतु | UP/MP | 8-9 किग्रा (DSR), 4-5 किग्रा (TRP) | सूखी DSR: 8–9 किग्रा; गीली DSR: 15–20 किग्रा |
धान की सघनता प्रणाली हेतु | UP/MP | 2–4 किग्रा | एकल पौध विधि – बहुत कम बीज |
पूर्व-बुवाई प्रबंधन (Pre-Sowing Management)
4.1 मृदा परीक्षण (Soil Testing)
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• परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर N, P, K और सूक्ष्म पोषक तत्वों की मात्रा निर्धारित करें।
लेज़र लेवलिंग (Laser Levelling)
DSR और Transplanted Puddled Rice (TPR) दोनों के लिए सटीक भूमि समतलीकरण अत्यंत आवश्यक है।
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• खेत में समान सिंचाई वितरण, बेहतर अंकुरण और खरपतवार नियंत्रण के लिए लेज़र लेवलिंग करें।
• स्थानीय CHC (Custom Hiring Centre) के माध्यम से लेज़र लेवलर की व्यवस्था करें।
• पारंपरिक उपकरणों से समतलीकरण में 10–20 सेमी का अंतर रह सकता है – लेज़र लेवलर से यह समस्या दूर होती है।
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