धान की फसल

नर्सरी प्रबंधन
बीज उपचार

  • • मृदा जनित रोगों की रोकथाम के लिए बीजों का उपचार ट्राइकोडर्मा 4 ग्राम/किग्रा बीज की दर से करें।
    • जीवाणु झुलसा से बचाव के लिए बीजों का उपचार स्ट्रेप्टोसाइक्लिन घोल @40 ग्राम/45 लीटर पानी से करें।
    • जड़ों के बेहतर विकास एवं पोषक तत्वों की उपलब्धता के लिए बीजों का उपचार एनपीके माइक्रोबियल कंसोर्टिया @1 लीटर/10 किग्रा बीज की दर से करें।