
धान की फसल
कीट और रोग प्रबंधन
(खैरा रोग)
खैरा रोग के प्रबंधन के लिए
-
पत्तियाँ पीली पड़ जाती हैं और उन पर ताँबे के रंग के धब्बे पड़ जाते हैं। प्रबंधन के लिए,
-
2 किलो ग्राम जिंक सल्फेट, 8 किलो ग्राम यूरिया या 1 किलो ग्राम बुझे हुए चूने के घोल को प्रति एकड़ 200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
You must be logged in to post a comment.