प्याज की जैविक खेती (कदम 5)

सिंचाई प्रबंधन

सिंचाई प्रबंधन

  • प्याज की सिंचाई की आवश्यकता मौसम, मिट्टी के प्रकार, सिंचाई की विधि तथा फसल की आयु पर निर्भर करती है।
  • सामान्यतः रोपाई के समय, रोपाई के तीन दिन बाद तथा उसके बाद मिट्टी में नमी के अनुसार 7–10 दिन के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए।
  • सामान्य रूप से खरीफ फसल को 5–8 सिंचाइयों, देर से बोई गई खरीफ फसल को 10–12 सिंचाइयों तथा रबी फसल को 12–15 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है।
  • आवश्यकता के अनुसार प्रति एकड़ 200 लीटर जीवामृत तथा 200 लीटर वेस्ट डीकम्पोजर का प्रयोग करें।
  • प्याज उथली जड़ वाली फसल है, इसलिए उचित वृद्धि और बल्ब के विकास के लिए हल्की लेकिन बार-बार सिंचाई आवश्यक होती है।
  • फसल पकने पर (कटाई से 10–15 दिन पहले) तथा जब पत्तियाँ झुकने लगें, तब सिंचाई बंद कर देनी चाहिए, इससे भंडारण के दौरान सड़न कम होती है।
  • अधिक सिंचाई हमेशा हानिकारक होती है।