
प्याज की जैविक खेती (कदम 6)
उर्वरक प्रबंधन
उर्वरक प्रबंधन
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रोपाई के समय पौधों का उपचार नैनो नाइट्रोजन या वेस्ट डीकम्पोजर से करें।
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नैनो एनपीके 250 ग्राम + सूक्ष्म पोषक तत्व 250 ग्राम + स्टिकर 60 मिली लीटर प्रति एकड़ की दर से प्रयोग करें।
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नैनो नाइट्रोजन @500 मिली लीटर प्रति एकड़ का प्रयोग करें।
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200 लीटर जीवामृत का प्रयोग करें।
पोषकतत्वों की कमी
नाइट्रोजन की कमी
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अधिकांश पत्तियाँ हल्के हरे रंग की हो जाती हैं तथा पत्तियाँ विकृत और बौनी होकर ऊपर की ओर मुड़ने लगती हैं। बल्ब की गर्दन के ऊपर के ऊतक मुलायम हो जाते हैं।
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इसके नियंत्रण के लिए नैनो नाइट्रोजन @2 मिली. लीटर प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव करें।
जिंक की कमी
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छोटी पत्तियाँ पीली हो जाती हैं तथा परिपक्व पत्तियों की ऊपरी सतह पर शिराओं के बीच पीलापन विकसित हो जाता है।
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मुख्य शिराएँ हरी बनी रहती हैं।
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जिंक घुलनशील जीवाणु 2 लीटर + चिपको (सिलिकॉन आधारित सर्फेक्टेंट) 60 मिली लीटर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें।
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