जैविक मिर्च (Step 3)

नर्सरी प्रबंधन

नर्सरी

  • अच्छी जल निकास वाली जगह का चयन करें, जहाँ जलभराव न हो।
  • खेत की अच्छी तरह जुताई करें और 10–30 मीटर लंबाई, 1 मीटर चौड़ाई और 15 सेमी ऊँचाई वाली क्यारियाँ तैयार करें।
  • नर्सरी की क्यारियों के बीच 30 सेमी की दूरी रखें।
  • एक गहरी जुताई के बाद नर्सरी में बुवाई के लिए 6 मीटर लंबी, 3 मीटर चौड़ी और 10–15 सेमी ऊँची उठी हुई क्यारियाँ तैयार करें। सिंचाई और अन्य कार्यों में सुविधा के लिए क्यारियों के बीच लगभग 70 सेमी की दूरी रखें।

पारंपरिक विधि (खुली क्यारियाँ) में पौध उत्पादन:

  • नर्सरी रोपण के लिए उन क्षेत्रों का चयन करें जो मृदा जनित रोगों से मुक्त हों, आंशिक छाया वाले हों और पानी का स्रोत नजदीक हों।
  • 1 सेंट (40 वर्गमीटर) क्षेत्र की प्रति क्यारी पर 100 किलो ग्राम अच्छी तरह से विघटित गोबर की खाद और 1 किलो ग्राम नीम की खली डालें, जिसे 1-2 किलो ग्राम ट्राइकोडर्मा से उपचारित किया गया हो।
  • बीज को 5-10 सेमी दूर पंक्तियों में बोएं। बीजों को मिट्टी से ढक दें और रोलर से चपटा कर दें। धान के भूसे का उपयोग मल्चिंग के लिए किया जा सकता है और जैसे ही बीज अंकुरित होने लगें, मल्चिंग को हटा देना चाहिए।
  • 6 सप्ताह पुराने पौधे रोपाई के लिए उपयुक्त होते हैं।

ट्रे विधि द्वारा पौध उगाना:

  • 72 या 98 सेल वाली ट्रे का चयन करें।
  • ट्रे को कोको पीट से भरने से पहले, 1 ग्राम ट्राइकोडर्मा को 300 किलो ग्राम कोको पीट के साथ मिलाएं। प्रत्येक ट्रे को 1-1.25 किलो ग्राम कोको पीट की आवश्यकता होती है।
  • ट्रे को कोको पीट से भरने के बाद, प्रत्येक छेद में एक बीज बोएं।
  • ट्रे को क्रम से व्यवस्थित करें और उस पर एक प्लास्टिक शीट रखें और इसे 7 से 10 दिनों के लिए ढेर लगाकर रख दें।
  • मिट्टी के सीधे संपर्क से बचाने के लिए ट्रे को ऊंची क्यारी पर रखें एवं ट्रे के नीचे एक पॉलिथीन शीट रखें।
  • कोको पीट को नम रखना चाहिए, लेकिन हमेशा गीला नहीं होना चाहिए।
  • रोपण से एक सप्ताह पहले से ही पानी की मात्रा को धीरे-धीरे कम करके पौधे की हार्डनिंग करनी चाहिए।

बुवाई का समय:

  • ख़रीफ़ के लिए जुलाई-अगस्त और रबी के लिए अक्टूबर-नवंबर मे बीज बोए जा सकते हैं।